नई दिल्ली। पाकिस्तान के नवनिर्वाचित विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस बयान जिसमें उन्होंने पीएम मोदी द्वारा शांति वार्ता शुरू करने की अपील की बात कही थी, अब उनका मंत्रालय उनके उस बयान से पलट गया है। पाकिस्तान ​के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पीएम मोदी की ओर से कोई ऐसा पत्र पाक पीएम इमरान खान को नहीं मिला है।

दरअसल सोमवार को शपथ ग्रहण के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने संबोधन में गलत बयानबाजी करते हुए कहा ​था ​कि भारत के पीएम ने इमरान खान को पत्र लिखा है और शांति वार्ता शुरू करने की अपील की है। विदेश मंत्री के इस बयान पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी और ऐसा कोई भी पत्र पाकिस्तान के पीएम को लिखने से इनकार किया था।

भारत सरकार ने साफ किया था कि पीएम मोदी ने सिर्फ इमरान खान को पा​क का पीएम बनने की बधाई दी थी। सूत्रों के अनुसार पत्र में लिखा है कि भारत शांतिपूर्ण पड़ोसी संबंधों और आतंक मुक्त क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है। इसी शर्त पर भारत पाकिस्तान के साथ बातचीत करने को तैयार है। दूसरी तरफ मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री ने ऐसा नहीं कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है।

बल्कि उनका कहना था कि भारतीय पीएम से अपने पत्र में इससे मिलता-जुलता कुछ कहा है। जिसे कि बाद में उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा था कि हमें तर्कसाध्य बातचीत करनी होगी। 18 अगस्त को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात के दौरान इसी सकारात्मक और तर्कसाध्य बातचीत के बारे में बात की थी।

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