उत्तर प्रदेश

महाकुंभ में आईबेटेस फाउन्डेशन ने डायबिटीज़ और इसके कारण होने वाली नज़र की समस्याओं को दूर करने के लिए आयोजत किया विशाल जागरुकता अभियान

महाकुंभ में आईबेटेस फाउन्डेशन ने डायबिटीज़ और इसके कारण होने वाली नज़र की समस्याओं को दूर करने के लिए आयोजत किया विशाल जागरुकता अभियान

प्रयागराज, 16 फरवरी,2025: डायबिटीज़ के चलते नज़र (आंखों की विज़न) संबंधी समस्याओं को दूर करने के प्रयास में मुंबई के आई सर्जन डॉ निशांत कुमार के नेतृत्व में संचालित आईबेटेस फाउन्डेशन (फाउन्डेशन तीन बार गिनीज़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुका है) ने महाकुंभ 2025 में एक विशाल चैरिटेबल स्वास्थ्य पहल का लॉन्च किया है। फाउन्डेशन की यह पहल इस पावन आयोजन में शामिल होने वाले हज़ारों श्रद्धालुओं एवं कर्मचारियों के लिए आईकेयर एवं डायबिटीज़ स्क्रीनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। 100 प्रोफेशनल्स की टीम के साथ आईबेटेस फाउन्डेशन का उद्देश्य 20,000-30,000 तीर्थयात्रियां तथा 5000 से अधिक वर्दी वाले कर्मचारियों को आंखों एवं डायबिटीज़ की जांच के लिए मुफ्त सेवाएं प्रदान करना है। यह प्रयास सुनिश्चित करेंगे कि डायबिटीज़ और इसकी वजह से होने वाला अंधापन श्रद्धालुओं के जीवन में किसी तरह की रूकावट न बनने पाए। 2016 में स्थापित आईबेटेस फाउन्डेशनभारत की दो सबसे मुश्किल स्वास्थ्य समस्याओं- डायबिटीज़ एवं रोकथाम योग्य अंधेपन- को दूर करने की दिशा में प्रयासरत है। एक अनुमान के मुताबिक 21 मिलियन भारतीय डायबिटीज़ के कारण आंखों की समस्याओं के शिकार हैं। अब तक, फाउन्डेशन मुफ्त जांच एवं जागरुकता प्रोग्रामों के माध्यम से 175,000 से अधिक लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान कर चुका है, इनके प्रयासों में मुंबई के 10 दिवसीय गणपति उत्सव के दौरान आयोजित सालाना आयोजन भी शामिल हैं। अब फाउन्डेशन महाकुंभ में उन लोगों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए तैयार है, जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यसेवाओं से वंचित हैं। महाकुंभ आस्था, परम्परा और समर्पण का पावन आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालुहिस्सा लेते हैं। आईबेटेस फाउन्डेशन का मानना है कि यह आयोजन प्रार्थना कर अवसर तो है ही, साथ ही सेवाओं के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का माध्यम भी है। सेक्टर 23, अरैल घाट में स्थित फाउन्डेशन का मेडिकल कैम्प ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे मुफ्त रेंडम ब्लड शुगर टेस्ट, विज़न स्क्रीनिंग, एआई-पावर्ड रेटिनल इमेजिंग, वर्दी वाले कर्मचारियों के लिए चश्मे, बाईफोकल ग्लासेज़ तथा फ्रंटलाईन अधिकारियों के लिए यूवी प्रोटेक्शन सनग्लासेज़ उपलब्ध कराएगा। इस भव्य आयोजन के दौरान वर्दी वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए आईबेटेस फाउन्डेशन तीर्थयात्रियों के दायरे से बढ़कर उन लोगों तक अपनी सेवाएं पहुंचाएगा, जो उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। फाउन्डेशन डायबिटीज़, कॉलेस्ट्रॉल और नज़र संबंधी समस्याओं के लिए स्क्रीनिंग का आयोजन कर रहा है, जो सुनिश्चित करेगा कि फ्रंटलाईन अधिकाकरी बिना किसी रूकावट के तीर्थयात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान कर सकें। इस अवसर पर डॉ निशांत कुमार ने कहा, ‘‘महाकुंभ एक दुर्लभ एवं असाधारा आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालुहिहस्सा लेते हैं, ऐसे में यहां चिकित्सा सेवाओं का होना बहुत ज़रूरी है। हमारा मिशन एकदम स्पष्ट है- हम यह सुनिश्चित करना  चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति रोके जा सकने वाले अंधेपन या बिना जांच के डायबिटीज़ से पीड़ित न रहे। इस पहल के माध्यम से हम मानवता की सेवा करते हुए आध्यात्मिकता को स्वास्थ्यसेवाओं के साथ जोड़ने के लिए तत्पर हैं।’इस आध्यात्मिक समागम में चिकित्सा सेवाएं प्रदा कर, आईबेटेस फाउन्डेशन लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने, संगम के दायरे से बढ़कर उन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए प्रयासरत है। कैम्प में उपलब्ध हर जांच एवं हर चश्मे के माध्यम से फाउन्डेशन समर्पण के साथ सुनिश्चित करेगा कि आस्था की यात्रा में स्वास्थ्य एवं कल्याण को भी सुनिश्चित किया जाए।

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